EDUCATIONAL JOURNAL · ACHARYA ABHINAY DUBEY
सुरक्षित, आरामदेह जगह बैठें। आँखें खुली या बंद रख सकते हैं। एक-दो मिनट के लिए स्वाभाविक श्वास के आने-जाने पर हल्का ध्यान दें। श्वास रोकने या तेज करने की आवश्यकता नहीं है।
मन भटके तो उसे असफलता न समझें। धीरे से वर्तमान अनुभव पर लौटें। अपनी सुविधा के अनुसार परामर्श अनुरोध और असुविधा हो तो रुकें।
यदि घबराहट, चक्कर या भावनात्मक परेशानी बढ़े तो अभ्यास बंद करें और योग्य सहायता लें। ध्यान चिकित्सा या मानसिक स्वास्थ्य उपचार का विकल्प नहीं है।
यह शैक्षिक सामग्री परंपरा और चिंतन के लिए है। इसे वैज्ञानिक प्रमाण, निदान, व्यक्तिगत वित्तीय सलाह या परिणाम की गारंटी न समझें।
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